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पढ़ना द्रवित दिलकीबाते प्यार जीवन में मधुरता मिलकर विचार तुम बिन बिन लिखें स्वार्थ भावना मन धृणा बीज जंगल बिन जिंदगी दुख और दर्द निज जीवन क्या कहूं मैंजिन्दाहूँ स्वार्थ सिद्ध जलन आसमां हिंसक प्राणी इकलौता नाता

Hindi बिन स्वार्थ Quotes